Sunday, October 4, 2020
खुद को ही भुला बैठा मैं
भटक के ही सही
बस इतनी सी है ख्वाइश मेरी
बस इतनी सी है ख्वाइश मेरी !
साथ तेरा निभाना है !!
गर बिछड़ भी गया राह में तो !
तुझे मंजिल तक पहुँचाना है !!
साथ रहा गर हम दोनों का !
हर सुख दुःख साथ निभायेंगे !!
गर बिछड़े भी तो अपना !
नाम तेरे सब कर जायेंगे !!
बात ना जाने कल की कोई !
करो ये वादा आज ही हमसे !!
सामने कुछ भी मुश्किल आये !
जुदा ना होगे कभी तुम हमसे !!
ख्वाब जो देखा मिलके हमने !
पूरा हमे मिल करना है !!
गर बिछड़ भी गया तुमसे तो !
वो तुमको पूरा करना है !!
कोशिशें
कोशिशें तमाम कर ली हमने !
खुद को खुश रखने की !!
पर वह वजह न ढूंढ पाए !
तुम्हे भूल जाने की !!
भूल जाऊं तुमको !
न था ये मेरा फैसला !!
पर तेरी जाने की जिद्द को !
ठुकरा भी न सका में !!
कौन हो तुम !
इसका भी फैसला हो जाये !!
गर हमसफ़र हो तो !!
सफर से ही जुदा हो जाये !!
दुनिया न जान पायेगी !
उन लम्हो के नामो निशां को !!
दूर दफ़न कर आऊंगा !
मुहब्बत की अपनी इस दास्ताँ को !!
इश्क़ है मुझे तुझसे ऐ जिंदगी
इश्क़ है मुझे तुझसे ऐ जिंदगी कम है तू किसी से रश्क के लिए ना दे रब मुझे दौलत या शोहरत सुकूने जिंदगी चाहिए मुझे अपने लिए क्या मांगू किसी की...
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इश्क़ है मुझे तुझसे ऐ जिंदगी कम है तू किसी से रश्क के लिए ना दे रब मुझे दौलत या शोहरत सुकूने जिंदगी चाहिए मुझे अपने लिए क्या मांगू किसी की...
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तू है सती तू है जया तू ही शूलधारिणी तुझसे ही है शक्ति शिव की तू ही शिव माहेश्वरी तू महिषासुरमर्दिनि तू करली काल कृपालिनी मुक...
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ख्वाइशों के परिंदे उड़ा करते थे कभी बेपरवाही को देख जला करते थे सभी आज भी नादाँ परिंदे उड़ने को बेचैन हैं ज़िन्दगी की ज़द्दोज़हद ने उन्हें बेपंख ...