कोशिशें तमाम कर ली हमने !
खुद को खुश रखने की !!
पर वह वजह न ढूंढ पाए !
तुम्हे भूल जाने की !!
भूल जाऊं तुमको !
न था ये मेरा फैसला !!
पर तेरी जाने की जिद्द को !
ठुकरा भी न सका में !!
कौन हो तुम !
इसका भी फैसला हो जाये !!
गर हमसफ़र हो तो !!
सफर से ही जुदा हो जाये !!
दुनिया न जान पायेगी !
उन लम्हो के नामो निशां को !!
दूर दफ़न कर आऊंगा !
मुहब्बत की अपनी इस दास्ताँ को !!
Awesome
ReplyDeleteBahut badhiya
ReplyDelete