Tuesday, October 6, 2020

चिरागो की लौ

चिरागो की लौ कभी !
अंधेरो से डरा नहीं करती !!
सच्चाई नज़रो में हो गर तो !
उजालो की जरूरत हुआ नहीं करती !!

यूँ तो एक चिंगारी भी !
काफी है नाबूद की लिए !!
आब नज़रो में हो गर तो !
नज़रे झुकाने से हार नहीं होती !!

कोशिश कितनी कर ले इंसां !
नज़र बचाने की भी तो !!
खुदा की नज़रो से कभी !
गुस्ताखियां कोई बचा नहीं करती !!

Monday, October 5, 2020

कुछ कमी सी है

 कुछ कमी सी है

कहने वाले तो बहुत से हैं मगर।
बिन कहे कुछ कर सके उस इंसान की।
कुछ कमी सी है।

रिश्ते तो बहुत से हैं मगर।
में हूँ ना कह सके उस दिलदार कि।
कुछ कमी सी है।

दोस्त तो बहुत से हैं मगर।
जो साथ निभा सके उस यार की।
कुछ कमी सी है।

तक़दीर ने बहुत दिया शिकवा नही।
ना जाने क्यों फिर भी ज़िन्दगी में।
कुछ कमी सी है।

गुमान ना हो किसी चीज़ पे

गुमान ना हो किसी चीज़ पे।
जो आज है वो कल नही।।
आज है तेरा हक़ जो इसपे।
कल भी हो ये मुमकिन नही।।

मंजूर नही उसको।
राहे आसान जिंदगी की।।
जो चल पडे राहो पे तो।
न मिले मंजिल ये मुमकिन नही।।

आज हम तो कल और कोई।
होगा तो तेरे साथ कोई।।
हर वक़्त हम साथ रहे।
अब ये भी मुमकिन तो नही।। 

किश्तों में कट रही ज़िन्दगी

किश्तों में कट रही ज़िन्दगी।
कागज़ के टुकड़े से ये पल।।
स्याही भी खत्म हो रही।
क्या लिखूं इसपे कल।।

कशमकश में बीत रही ज़िन्दगी।
आज को कल में बदलते हुए।।
इंतज़ार उस दिन का जो होगा मेरा।
ज़िन्दगी को बस में करते हुए।।

काश कि थम जा तू ऐ जिंदगी।
फुरसत से करेंगे दीदार तेरा।।
आज न हो सकूँगा रूबरू तुझसे।
आऊंगा फिर ना करना इंतज़ार मेरा।। 

इश्क़ है मुझे तुझसे ऐ जिंदगी

इश्क़ है मुझे तुझसे ऐ जिंदगी  कम है तू किसी से रश्क के लिए  ना दे रब मुझे दौलत या शोहरत सुकूने जिंदगी चाहिए मुझे अपने लिए  क्या मांगू किसी की...