Monday, October 19, 2020

टूट जाये विश्वास अगर तो

टूट जाये विश्वास अगर तो।
माफ़ी का कोई मोल नही।।
साथ न दुख में दे सके तो।
सुख के साथ का मोल नही।।

धागा टूटे गांठ पड़े।
फिर जुड़ने का मोल नही।।
दुख में सुमिरन ना करे तो।
फिर मिलने का मोल नही।।

टूट रहे जो धन के कारण।
उन रिश्तो का मोल नही।।
दुख में सुख में साथ रहे जो।
बस रिश्ते अनमोल वही।।

Saturday, October 17, 2020

श्री दुर्गा स्तुति

तू है सती तू है जया 
तू ही शूलधारिणी 
तुझसे ही है शक्ति शिव की  

तू ही शिव माहेश्वरी

 

तू महिषासुरमर्दिनि
तू करली काल कृपालिनी 
मुक्त करे जो सर्व बंधन से 
तू ही है वो भवमोचिनी 

हे अनंतकाल की भवप्रीता 
तू चंड मुंड विनाशिनी 
हे सर्वज्ञाता अहंकारा 
तू ही दुर्गा विंध्यवासिनी 

 

हे देवमाता दक्षकन्या 
हे भद्रकाली परमेश्वरी 
जिससे बढ़कर भव्य नहीं 
तू है अभव्या सुरसुन्दरी

 


Thursday, October 15, 2020

क्यों करूँ मैं परवाह !

क्यों करूँ मैं परवाह !
हर किसी की ज़माने में !!
खुश तो मैं इसी में हूँ की !
बेपरवाही मुझमे भी बहुत हैं !!

मुझे न फुरसत की निकालूं कमियां !
हर किसी की ज़माने में !!
मस्त तो मैं इसी में हूँ की !
कमियां मुझमे भी बहुत हैं !!

वैसे तो पड़ा है ज़माना भी !
कमियां मेरी निकालने में !!
मज़ेमें तो मैं इसी में हूँ की !
ज़माना भी है बेक़रार कामिल मुझे बनाने में !!

उम्मीद न कर मुझसे

उम्मीद न कर मुझसे !
हर वक़्त वफ़ा की !!
इंसान हूँ मैं !
कोई खुदा तो नहीं !!

तू भी इक बार !
कोशिश तो कर !!
चाहते तेरी भी मुझसे !
कोई जुदा तो नहीं !!

ज़ख्म जितने भी दे !
निशां मत छोड़ !!
हर गम छुपाने का हमे !
कोई तजुर्बा तो नहीं !!

फकत इक बार !
सोच तू ज़रा !!
शायद मैं ही वो तेरा !
कोई निगाहबां तो नहीं !!

इश्क़ है मुझे तुझसे ऐ जिंदगी

इश्क़ है मुझे तुझसे ऐ जिंदगी  कम है तू किसी से रश्क के लिए  ना दे रब मुझे दौलत या शोहरत सुकूने जिंदगी चाहिए मुझे अपने लिए  क्या मांगू किसी की...