मुश्किल बहुत है पार करना !
समुन्दर को तैर के !!
आसां बहुत है बात करना !
किनारे पे बैठ के !!
लड़ के जीता हरदम वही !
हार ना जिसने मानी कभी !!
हौसला जो रखते नहीं !
जीता नहीं करते कभी !!
जो करनी है मंजिले हासिल !
खुद पे तू भरोसा तो कर !!
बन जायेंगे रास्ते खुद बा खुद !
चलने का आगाज़ तो कर !!
आएँगी तो मुश्किलें बहुत !
मंजिलो की राह में !!
करेगी दुनिया कोशिश बहुत !!
करने की गुमराह तुझे !!
हासिल होगी मंजिल तुझे !
गर भूल सका दुनिया को तू !!
होगा ये मुमकिन तभी !
जो देखेगा सिर्फ मंजिल को तू !!